पाकिस्तान का एयर डिफ़ेंस सिस्टम ?

2019 के बाद भारत ने रूसी एस-400 एंटी-एयरक्राफ़्ट मिसाइल सिस्टम हासिल कर लिया, जबकि पाकिस्तान को चीन से एचक्यू -9 एयर डिफ़ेंस सिस्टम हासिल हुआ.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की एक ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली मुख्य रूप से चीन और फ्रांस की तकनीकों पर आधारित है. इसका प्रमुख हिस्सा एचक्यू-9 मिसाइल सिस्टम है, जो 120 से 300 किलोमीटर तक की दूरी तक ख़तरों को रोक सकता है.

इसके अलावा, फ्रांस से आयातित स्पाडा एयर डिफ़ेंस सिस्टम का उपयोग विशेष रूप से हवाई ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा के लिए किया जाता है.

पाकिस्तानी वायु सेना के पूर्व वाइस एयर मार्शल इकरामुल्लाह भट्टी ने बीबीसी उर्दू से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम में कम दूरी, मध्यम दूरी और लंबी दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने डिफ़ेंस सिस्टम चीन द्वारा निर्मित एचक्यू-16 एफई डिफ़ेंस सिस्टम भी शामिल किया, जो सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और युद्धपोतों के ख़िलाफ़ प्रभावी है.

हालाँकि, जब हवा से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइलों को रोकने की बात आती है, तो ऐसी कोई रक्षा प्रणाली मौजूद नहीं है.

हालांकि एयर डिफ़ेंस सिस्टम बेहद उन्नत हो चुके हैं, फिर भी इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. हाइपरसोनिक मिसाइलों और स्वार्म ड्रोन के उभरते ख़तरों ने इन प्रणालियों को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता बढ़ा दी है.

भविष्य में, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और लेज़र आधारित हथियार एयर डिफ़ेंस को अधिक कुशल और सस्ता बना सकते हैं. एआई सिस्टम ख़तरे की जल्दी पहचान और प्रतिक्रिया में मदद करेगा, जबकि लेज़र तकनीक मारक हमलों में सटीकता प्रदान करेगी.

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